Archives for Hindi Poem

Hindi Poem

निरोगी रहने की कविता

सुबह-सुबह पानी पिएं, घूंट-घूंट कर आप बस दो-तीन गिलास है, हर औषधि का बाप भोजन करें जमीन पर, अल्थी पल्थी मार चबा-चबा कर खाइए, वैद्य न झांकें द्वार सुबह-सुबह फल…
Click Here to Continue Reading
error: Content is protected !!